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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 159

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सुनि सुत बचन सनेहमय कपट नीर भरि नैन। भरत श्रवन मन सूल सम पापिनि बोली बैन॥159॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

पुत्र के स्नेहमय वचन सुनकर नेत्रों में कपट का जल भरकर पापिनी कैकेयी भरत के कानों में और मन में शूल के समान चुभने वाले वचन बोली-॥159॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 159 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik