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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 166

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कौसल्या के बचन सुनि भरत सहित रनिवासु। ब्याकुल बिलपत राजगृह मानहुँ सोक नेवासु ॥166॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कौसल्याजी के वचनों को सुनकर भरत सहित सारा रनिवास व्याकुल होकर विलाप करने लगा। राजमहल मानो शोक का निवास बन गया॥166॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 166 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik