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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 170

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सिंघासन भूषन बसन अन्न धरनि धन धाम। दिए भरत लहि भूमिसुर भे परिपूरन काम॥170॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सिंहासन, गहने, कपड़े, अन्न, पृथ्वी, धन और मकान भरतजी ने दिए, भूदेव ब्राह्मण दान पाकर परिपूर्णकाम हो गए (अर्थात उनकी सारी मनोकामनाएँ अच्छी तरह से पूरी हो गईं)॥170॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 170 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik