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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 173

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कहहु तात केहि भाँति कोउ करिहि बड़ाई तासु। राम लखन तुम्ह सत्रुहन सरिस सुअन सुचि जासु॥173॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे तात! कहो, उनकी बड़ाई कोई किस प्रकार करेगा, जिनके श्री राम, लक्ष्मण, तुम और शत्रुघ्न-सरीखे पवित्र पुत्र हैं?॥173॥

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