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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 175

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कीजिअ गुर आयसु अवसि कहहिं सचिव कर जोरि। रघुपति आएँ उचित जस तस तब करब बहोरि॥175॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मंत्री हाथ जोड़कर कह रहे हैं- गुरुजी की आज्ञा का अवश्य ही पालन कीजिए। श्री रघुनाथजी के लौट आने पर जैसा उचित हो, तब फिर वैसा ही कीजिएगा॥175॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 175 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik