ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 181

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

राम मातु सुठि सरलचित मो पर प्रेमु बिसेषि। कहइ सुभाय सनेह बस मोरि दीनता देखि॥181॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

श्री रामचंद्रजी की माता बहुत ही सरल हृदय हैं और मुझ पर उनका विशेष प्रेम है, इसलिए मेरी दीनता देखकर वे स्वाभाविक स्नेहवश ही ऐसा कह रही हैं॥181॥

आगे पढ़ें — अयोध्या काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 181 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik