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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 186

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

आरत जननी जानि सब भरत सनेह सुजान। कहेउ बनावन पालकीं सजन सुखासन जान॥186॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

स्नेह के सुजान (प्रेम के तत्व को जानने वाले) भरतजी ने सब माताओं को आर्त (दुःखी) जानकर उनके लिए पालकियाँ तैयार करने तथा सुखासन यान (सुखपाल) सजाने के लिए कहा॥186॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 186 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik