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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 188

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

पय अहार फल असन एक निसि भोजन एक लोग। करत राम हित नेम ब्रत परिहरि भूषन भोग॥188॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कोई दूध ही पीते, कोई फलाहार करते और कुछ लोग रात को एक ही बार भोजन करते हैं। भूषण और भोग-विलास को छोड़कर सब लोग श्री रामचन्द्रजी के लिए नियम और व्रत करते हैं॥188॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 188 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik