ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 202

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

प्रातक्रिया करि मातु पद बंदि गुरहि सिरु नाइ। आगें किए निषाद गन दीन्हेउ कटकु चलाइ॥202॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

प्रातःकाल की क्रियाओं को करके माता के चरणों की वंदना कर और गुरुजी को सिर नवाकर भरतजी ने विषाद गणों को (रास्ता दिखलाने के लिए) आगे कर लिया और सेना चला दी॥202॥

आगे पढ़ें — अयोध्या काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 202 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik