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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 211

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

अजिन बसन फल असन महि सयन डासि कुस पात। बसि तरु तर नित सहत हिम आतप बरषा बात॥211॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वे वल्कल वस्त्र पहनते हैं, फलों का भोजन करते हैं, पृथ्वी पर कुश और पत्ते बिछाकर सोते हैं और वृक्षों के नीचे निवास करके नित्य सर्दी, गर्मी, वर्षा और हवा सहते हैं। 211॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 211 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik