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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 221

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

मगबासी नर नारि सुनि धाम काम तजि धाइ। देखि सरूप सनेह सब मुदित जनम फलु पाइ॥221॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मार्ग में रहने वाले स्त्री-पुरुष यह सुनकर घर और काम-काज छोड़कर दौड़ पड़ते हैं और उनके रूप (सौंदर्य) और प्रेम को देखकर वे सब जन्म लेने का फल पाकर आनंदित होते हैं॥221॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 221 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik