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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 230

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

अति सरोष माखे लखनु लखि सुनि सपथ प्रवान। सभय लोक सब लोकपति चाहत भभरि भगान॥230॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

लक्ष्मणजी को अत्यंत क्रोध से तमतमाया हुआ देखकर और उनकी प्रामाणिक (सत्य) सौगंध सुनकर सब लोग भयभीत हो जाते हैं और लोकपाल घबड़ाकर भागना चाहते हैं॥230।

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श्रीरामचरितमानस दोहा 230 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik