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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 242

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

नाथ साथ मुनिनाथ के मातु सकल पुर लोग। सेवक सेनप सचिव सब आए बिकल बियोग॥242॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे नाथ! मुनिनाथ वशिष्ठजी के साथ सब माताएँ, नगरवासी, सेवक, सेनापति, मंत्री- सब आपके वियोग से व्याकुल होकर आए हैं॥242॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 242 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik