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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 248

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

धर्म सेतु करुनायतन कस न कहु अस राम। लोग दुखित दिन दुइ दरस देखि लहहुँ बिश्राम॥248॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

(वशिष्ठजी ने कहा-) हे राम! तुम धर्म के सेतु और दया के धाम हो, तुम भला ऐसा क्यों न कहो? लोग दुःखी हैं। दो दिन तुम्हारा दर्शन कर शांति लाभ कर लें॥248॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 248 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik