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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 253

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

गुर पद कमल प्रनामु करि बैठे आयसु पाइ। बिप्र महाजन सचिव सब जुरे सभासद आइ॥253॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

भरतजी गुरु के चरणकमलों में प्रणाम करके आज्ञा पाकर बैठ गए। उसी समय ब्राह्मण, महाजन, मंत्री आदि सभी सभासद आकर जुट गए॥253॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 253 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik