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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 254

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

राखें राम रजाइ रुख हम सब कर हित होइ। समुझि सयाने करहु अब सब मिलि संमत सोइ॥254॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अतएव श्री रामजी की आज्ञा और रुख रखने में ही हम सबका हित होगा। (इस तत्त्व और रहस्य को समझकर) अब तुम सयाने लोग जो सबको सम्मत हो, वही मिलकर करो॥254॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 254 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik