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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 262

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

तेइ रघुनंदनु लखनु सिय अनहित लागे जाहि। तासु तनय तजि दुसह दुख दैउ सहावइ काहि॥262॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वे ही श्री रघुनंदन, लक्ष्मण और सीता जिसको शत्रु जान पड़े, उस कैकेयी के पुत्र मुझको छोड़कर दैव दुःसह दुःख और किसे सहावेगा?॥262॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 262 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik