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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 264

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

मनु प्रसन्न करि सकुच तजि कहहु करौं सोइ आजु। सत्यसंध रघुबर बचन सुनि भा सुखी समाजु॥264॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तुम मन को प्रसन्न कर और संकोच को त्याग कर जो कुछ कहो, मैं आज वही करूँ। सत्य प्रतिज्ञ रघुकुल श्रेष्ठ श्री रामजी का यह वचन सुनकर सारा समाज सुखी हो गया॥264॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 264 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik