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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 268

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सानुज पठइअ मोहि बन कीजिअ सबहि सनाथ। नतरु फेरिअहिं बंधु दोउ नाथ चलौं मैं साथ॥268॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

छोटे भाई शत्रुघ्न समेत मुझे वन में भेज दीजिए और (अयोध्या लौटकर) सबको सनाथ कीजिए। नहीं तो किसी तरह भी (यदि आप अयोध्या जाने को तैयार न हों) हे नाथ! लक्ष्मण और शत्रुघ्न दोनों भाइयों को लौटा दीजिए और मैं आपके साथ चलूँ॥268॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 268 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik