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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 300

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सुहृद सुजान सुसाहिबहि बहुत कहब बड़ि खोरि। आयसु देइअ देव अब सबइ सुधारी मोरि॥300॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सुहृद् (बिना ही हेतु के हित करने वाले), बुद्धिमान और श्रेष्ठ मालिक से बहुत कहना बड़ा अपराध है, इसलिए हे देव! अब मुझे आज्ञा दीजिए, आपने मेरी सभी बात सुधार दी॥300॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 300 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik