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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 310

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कहत कूप महिमा सकल गए जहाँ रघुराउ। अत्रि सुनायउ रघुबरहि तीरथ पुन्य प्रभाउ॥310॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कूप की महिमा कहते हुए सब लोग वहाँ गए जहाँ श्री रघुनाथजी थे। श्री रघुनाथजी को अत्रिजी ने उस तीर्थ का पुण्य प्रभाव सुनाया॥310॥

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