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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 312

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

देखे थल तीरथ सकल भरत पाँच दिन माझ। कहत सुनत हरि हर सुजसु गयउ दिवसु भइ साँझ॥312॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

भरतजी ने पाँच दिन में सब तीर्थ स्थानों के दर्शन कर लिए। भगवान विष्णु और महादेवजी का सुंदर यश कहते-सुनते वह (पाँचवाँ) दिन भी बीत गया, संध्या हो गई॥312॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 312 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik