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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 320

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

गुर गुरतिय पद बंदि प्रभु सीता लखन समेत। फिरे हरष बिसमय सहित आए परन निकेत॥320॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

गुरु वशिष्ठजी और गुरु पत्नी अरुन्धतीजी के चरणों की वंदना करके सीताजी और लक्ष्मणजी सहित प्रभु श्री रामचंद्रजी हर्ष और विषाद के साथ लौटकर पर्णकुटी पर आए॥320॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 320 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik