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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 40

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सुत सनेहु इत बचनु उत संकट परेउ नरेसु। सकहु त आयसु धरहु सिर मेटहु कठिन कलेसु॥40॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इधर तो पुत्र का स्नेह है और उधर वचन (प्रतिज्ञा), राजा इसी धर्मसंकट में पड़ गए हैं। यदि तुम कर सकते हो, तो राजा की आज्ञा शिरोधार्य करो और इनके कठिन क्लेश को मिटाओ॥40॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 40 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik