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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 54

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

निरखि राम रुख सचिवसुत कारनु कहेउ बुझाइ। सुनि प्रसंगु रहि मूक जिमि दसा बरनि नहिं जाइ॥54॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब श्री रामचन्द्रजी का रुख देखकर मन्त्री के पुत्र ने सब कारण समझाकर कहा। उस प्रसंग को सुनकर वे गूँगी जैसी (चुप) रह गईं, उनकी दशा का वर्णन नहीं किया जा सकता॥54॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 54 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik