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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 61

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

गुर श्रुति संमत धरम फलु पाइअ बिनहिं कलेस। हठ बस सब संकट सहे गालव नहुष नरेस॥61॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

(मेरी आज्ञा मानकर घर पर रहने से) गुरु और वेद के द्वारा सम्मत धर्म (के आचरण) का फल तुम्हें बिना ही क्लेश के मिल जाता है, किन्तु हठ के वश होकर गालव मुनि और राजा नहुष आदि सब ने संकट ही सहे॥61॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 61 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik