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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 62

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

भूमि सयन बलकल बसन असनु कंद फल मूल। ते कि सदा सब दिन मिलहिं सबुइ समय अनुकूल॥62॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जमीन पर सोना, पेड़ों की छाल के वस्त्र पहनना और कंद, मूल, फल का भोजन करना होगा। और वे भी क्या सदा सब दिन मिलेंगे? सब कुछ अपने-अपने समय के अनुकूल ही मिल सकेगा॥62॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 62 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik