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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 70

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

मातु पिता गुरु स्वामि सिख सिर धरि करहिं सुभायँ। लहेउ लाभु तिन्ह जनम कर नतरु जनमु जग जायँ॥70॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो लोग माता, पिता, गुरु और स्वामी की शिक्षा को स्वाभाविक ही सिर चढ़ाकर उसका पालन करते हैं, उन्होंने ही जन्म लेने का लाभ पाया है, नहीं तो जगत में जन्म व्यर्थ ही है॥70॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 70 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik