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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 79

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सजि बन साजु समाजु सबु बनिता बंधु समेत। बंदि बिप्र गुर चरन प्रभु चले करि सबहि अचेत॥79॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वन का सब साज-सामान सजकर (वन के लिए आवश्यक वस्तुओं को साथ लेकर) श्री रामचन्द्रजी स्त्री (श्री सीताजी) और भाई (लक्ष्मणजी) सहित, ब्राह्मण और गुरु के चरणों की वंदना करके सबको अचेत करके चले॥79॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 79 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik