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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 90

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सुचि सुबिचित्र सुभोगमय सुमन सुगंध सुबास। पलँग मंजु मनि दीप जहँ सब बिधि सकल सुपास॥90॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो पवित्र, बड़े ही विलक्षण, सुंदर भोग पदार्थों से पूर्ण और फूलों की सुगंध से सुवासित हैं, जहाँ सुंदर पलँग और मणियों के दीपक हैं तथा सब प्रकार का पूरा आराम है,॥90॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 90 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik