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श्रीरामचरितमानस · किष्किन्धा काण्ड

दोहा 12

किष्किन्धा काण्ड · Kishkindha Kaand

मूल पाठ

प्रथमहिं देवन्ह गिरि गुहा राखेउ रुचिर बनाइ। राम कृपानिधि कछु दिन बास करहिंगे आइ॥12॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

देवताओं ने पहले से ही उस पर्वत की एक गुफा को सुंदर बना (सजा) रखा था। उन्होंने सोच रखा था कि कृपा की खान श्री रामजी कुछ दिन यहाँ आकर निवास करेंगे॥12॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 12 किष्किन्धा काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik