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श्रीरामचरितमानस · किष्किन्धा काण्ड

दोहा 18

किष्किन्धा काण्ड · Kishkindha Kaand

मूल पाठ

तब अनुजहि समुझावा रघुपति करुना सींव। भय देखाइ लै आवहु तात सखा सुग्रीव॥18॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब दया की सीमा श्री रघुनाथजी ने छोटे भाई लक्ष्मणजी को समझाया कि हे तात! सखा सुग्रीव को केवल भय दिखलाकर ले आओ (उसे मारने की बात नहीं है)॥18॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 18 किष्किन्धा काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik