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श्रीरामचरितमानस · किष्किन्धा काण्ड

दोहा 1

किष्किन्धा काण्ड · Kishkindha Kaand

मूल पाठ

जग कारन तारन भव भंजन धरनी भार। की तुम्ह अखिल भुवन पति लीन्ह मनुज अवतार॥1॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अथवा आप जगत्‌ के मूल कारण और संपूर्ण लोकों के स्वामी स्वयं भगवान्‌ हैं, जिन्होंने लोगों को भवसागर से पार उतारने तथा पृथ्वी का भार नष्ट करने के लिए मनुष्य रूप में अवतार लिया है?॥1॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 1 किष्किन्धा काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik