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श्रीरामचरितमानस · किष्किन्धा काण्ड

दोहा 20

किष्किन्धा काण्ड · Kishkindha Kaand

मूल पाठ

हरषि चले सुग्रीव तब अंगदादि कपि साथ। रामानुज आगें करि आए जहँ रघुनाथ॥20॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब अंगद आदि वानरों को साथ लेकर और श्री रामजी के छोटे भाई लक्ष्मणजी को आगे करके (अर्थात्‌ उनके पीछे-पीछे) सुग्रीव हर्षित होकर चले और जहाँ रघुनाथजी थे वहाँ आए॥20॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 20 किष्किन्धा काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik