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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

दोहा 10

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

भवन गयउ दसकंधर इहाँ पिसाचिनि बृंद। सीतहि त्रास देखावहिं धरहिं रूप बहु मंद॥10॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

(यों कहकर) रावण घर चला गया। यहाँ राक्षसियों के समूह बहुत से बुरे रूप धरकर सीताजी को भय दिखलाने लगे॥10॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 10 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik