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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

दोहा 13

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

कपि के बचन सप्रेम सुनि उपजा मन बिस्वास। जाना मन क्रम बचन यह कृपासिंधु कर दास॥13॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हनुमान्‌जी के प्रेमयक्त वचन सुनकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न हो गया, उन्होंने जान लिया कि यह मन, वचन और कर्म से कृपासागर श्री रघुनाथजी का दास है॥13॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 13 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik