ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

दोहा 20

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

कपिहि बिलोकि दसानन बिहसा कहि दुर्बाद। सुत बध सुरति कीन्हि पुनि उपजा हृदयँ बिसाद॥20॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हनुमान्‌जी को देखकर रावण दुर्वचन कहता हुआ खूब हँसा। फिर पुत्र वध का स्मरण किया तो उसके हृदय में विषाद उत्पन्न हो गया॥20॥

आगे पढ़ें — सुन्दर काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 20 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik