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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

सुन्दर काण्ड दोहा 29

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

प्रीति सहित सब भेंटे रघुपति करुना पुंज॥ पूछी कुसल नाथ अब कुसल देखि पद कंज॥29॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

दया की राशि श्री रघुनाथजी सबसे प्रेम सहित गले लगकर मिले और कुशल पूछी। (वानरों ने कहा-) हे नाथ! आपके चरण कमलों के दर्शन पाने से अब कुशल है॥29॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 29 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik