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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

दोहा 2

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान। आसिष देइ गई सो हरषि चलेउ हनुमान॥2॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तुम श्री रामचंद्रजी का सब कार्य करोगे, क्योंकि तुम बल-बुद्धि के भंडार हो। यह आशीर्वाद देकर वह चली गई, तब हनुमान्‌जी हर्षित होकर चले॥2॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 2 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik