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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

दोहा 5

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

रामायुध अंकित गृह सोभा बरनि न जाइ। नव तुलसिका बृंद तहँ देखि हरष कपिराई॥5॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वह महल श्री रामजी के आयुध (धनुष-बाण) के चिह्नों से अंकित था, उसकी शोभा वर्णन नहीं की जा सकती। वहाँ नवीन-नवीन तुलसी के वृक्ष-समूहों को देखकर कपिराज श्री हनुमान्‌जी हर्षित हुए॥5॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 5 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik