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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 16

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

अब गृह जाहु सखा सब भजेहु मोहि दृढ़ नेम। सदा सर्बगत सर्बहित जानि करेहु अति प्रेम॥16॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे सखागण! अब सब लोग घर जाओ, वहाँ दृढ़ नियम से मुझे भजते रहना। मुझे सदा सर्वव्यापक और सबका हित करने वाला जानकर अत्यंत प्रेम करना॥16॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 16 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik