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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 30

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

एहि बिधि नगर नारि नर करहिं राम गुन गान। सानुकूल सब पर रहहिं संतत कृपानिधान॥30॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इस प्रकार नगर के स्त्री-पुरुष श्री रामजी का गुण-गान करते हैं और कृपानिधान श्री रामजी सदा सब पर अत्यंत प्रसन्न रहते हैं॥30॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 30 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik