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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 39

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

पर द्रोही पर दार रत पर धन पर अपबाद। ते नर पाँवर पापमय देह धरें मनुजाद॥39॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वे दूसरों से द्रोह करते हैं और पराई स्त्री, पराए धन तथा पराई निंदा में आसक्त रहते हैं। वे पामर और पापमय मनुष्य नर शरीर धारण किए हुए राक्षस ही हैं॥39॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 39 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik