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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 40

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

ऐसे अधम मनुज खल कृतजुग त्रेताँ नाहिं। द्वापर कछुक बृंद बहु होइहहिं कलिजुग माहिं॥40॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

ऐसे नीच और दुष्ट मनुष्य सत्ययुग और त्रेता में नहीं होते। द्वापर में थोड़े से होंगे और कलियुग में तो इनके झुंड के झुंड होंगे॥40॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 40 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik