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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 46

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

मम गुन ग्राम नाम रत गत ममता मद मोह। ता कर सुख सोइ जानइ परानंद संदोह॥46॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो मेरे गुण समूहों के और मेरे नाम के परायण है, एवं ममता, मद और मोह से रहित है, उसका सुख वही जानता है, जो (परमात्मारूप) परमानन्दराशि को प्राप्त है॥46॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 46 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik