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श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड दोहा 60

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

परमातुर बिहंगपति आयउ तब मो पास। जात रहेउँ कुबेर गृह रहिहु उमा कैलास॥60॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब बड़ी आतुरता (उतावली) से पक्षीराज गरुड़ मेरे पास आए। हे उमा! उस समय मैं कुबेर के घर जा रहा था और तुम कैलास पर थीं॥60॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 60 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik