ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · उत्तर काण्ड

उत्तर काण्ड श्लोक 9

उत्तर काण्ड · Uttar Kaand

मूल पाठ

रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये। ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषां शम्भुः प्रसीदति॥9॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

भगवान्‌ रुद्र की स्तुति का यह अष्टक उन शंकरजी की तुष्टि (प्रसन्नता) के लिए ब्राह्मण द्वारा कहा गया। जो मनुष्य इसे भक्तिपूर्वक पढ़ते हैं, उन पर भगवान्‌ शम्भु प्रसन्न होते हैं॥9॥

आगे पढ़ें — उत्तर काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस श्लोक 9 उत्तर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik