देवर्षि नारदकी भक्तिसे भेंट
इस अध्याय में शौनकजीके प्रश्नोंके उत्तरमें सूतजी श्रीमद्भागवतकी महिमा बताते हैं। आगे देवर्षि नारद पृथ्वीपर कलियुगके प्रभावसे उत्पन्न अधर्म और शान्तिहीनता देखकर यमुनातटपर भक्ति तथा उसके जर्जर पुत्र ज्ञान और वैराग्यसे मिलते हैं। नारदजी भक्ति…