ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
स्कन्ध 0

श्रीमद्भागवतम्श्रीमद्भागवत माहात्म्य

कुल 6 अध्याय

अध्याय 1

देवर्षि नारदकी भक्तिसे भेंट

इस अध्याय में शौनकजीके प्रश्नोंके उत्तरमें सूतजी श्रीमद्भागवतकी महिमा बताते हैं। आगे देवर्षि नारद पृथ्वीपर कलियुगके प्रभावसे उत्पन्न अधर्म और शान्तिहीनता देखकर यमुनातटपर भक्ति तथा उसके जर्जर पुत्र ज्ञान और वैराग्यसे मिलते हैं। नारदजी भक्ति…

10 मिनट का पाठ1,882 शब्द
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अध्याय 2

भक्तिका दुःख दूर करनेके लिये नारदजीका उद्योग

इस अध्याय में नारदजी भक्ति को श्रीकृष्णस्मरण और कलियुगमें भक्तिकी महिमा बताते हैं। वे ज्ञान और वैराग्यको जगानेका प्रयास करते हैं, पर वेदध्वनि और गीतापाठसे भी वे पूर्णतः सचेत नहीं होते। आकाशवाणीके निर्देश पर नारदजी संतोंसे उपाय पूछते हुए बदर…

9 मिनट का पाठ1,771 शब्द
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अध्याय 3

भक्तिके कष्टकी निवृत्ति

इस अध्याय में नारदजी ज्ञानयज्ञ करनेका संकल्प करते हैं और सनकादि उन्हें हरिद्वारके निकट आनन्द नामक घाटपर श्रीमद्भागवत-कथा करनेकी विधि बताते हैं। कथा आरम्भ होनेपर ऋषि, देवता, तीर्थ और शास्त्र उपस्थित होते हैं। सनकादि श्रीमद्भागवत और सप्ताहश्र…

9 मिनट का पाठ1,684 शब्द
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अध्याय 4

गोकर्णोपाख्यान प्रारम्भ

इस अध्याय में सप्ताहश्रवणकी महिमा देखकर नारदजी पूछते हैं कि इससे कौन-कौन पवित्र होते हैं। सनकादि पापियोंकी शुद्धि बताकर आत्मदेव ब्राह्मणकी कथा आरम्भ करते हैं। आत्मदेवको संतान न होनेका दुःख, संन्यासीसे मिला फल, धुन्धुलीकी युक्ति, धुन्धुकारी…

11 मिनट का पाठ2,189 शब्द
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अध्याय 5

धुन्धुकारीको प्रेतयोनिकी प्राप्ति और उससे उद्धार

इस अध्याय में धुन्धुकारीके दुष्कर्मोंसे प्रेतयोनिमें पड़ने, गोकर्णजीसे उसकी भेंट, गयाश्राद्धसे मुक्ति न होनेपर सूर्यदेवके निर्देशसे श्रीमद्भागवत सप्ताहका आयोजन, श्रवणसे धुन्धुकारीकी मुक्ति और सप्ताहश्रवणकी महिमा वर्णित है।

11 मिनट का पाठ2,166 शब्द
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अध्याय 6

सप्ताहयज्ञकी विधि

इस अध्याय में श्रीमद्भागवत सप्ताहश्रवणकी विधि, कथा-स्थल, वक्ता और श्रोताओंके नियम, पूजन, आहार-विहार, उद्यापन, दान, हवन और भागवतश्रवणके फलका वर्णन है। अन्तमें सनकादि, नारदजी, शुकदेवजी और भगवान् श्रीहरिके प्राकट्यके प्रसंगसे भागवतकी महिमा बतायी गयी है।

13 मिनट का पाठ2,464 शब्द
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