श्रीसूतजीसे शौनकादि ऋषियोंका प्रश्न
इस अध्याय में श्रीमद्भागवतका मंगलाचरण, भागवतश्रवणकी महिमा और नैमिषारण्यमें शौनकादि ऋषियोंद्वारा सूतजीसे कलियुगके जीवोंके परम कल्याण, भगवान् श्रीकृष्णके अवतारों और उनके स्वधामगमनके बाद धर्मकी शरणके विषयमें प्रश्न किये गये हैं।