ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
पौ·राणिक
दिनांक
13 मई 2026बुधवार
नगर
साम्बाजम्मू और कश्मीर
सूर्योदय → सूर्यास्त
05:3319:19
बुधवार — शुभ मुहूर्त

13.5मई 2026

साम्बा · 13 मई 2026
ब्रह्म · अभिजित · विजय · गोधूलि · निशिता·सूर्योदय 05:33
साम्बा
जम्मू और कश्मीर
IST · UTC +05:30
अभिजित मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
04:10 — 04:51
अवधि · 41 मि
राहु काल · टालें
12:26 — 14:09
अवधि · 1 घं 43 मि
01

शुभ मुहूर्त — पाँच प्रमुख अंतराल

ब्रह्म, अभिजित, विजय, गोधूलि और निशिता — दिनभर के पाँच शुभ अंतराल जिनमें नये कार्य का आरंभ श्रेयस्कर माना गया है।
अभिजित मुहूर्त को दिन का सर्वश्रेष्ठ क्षण कहा गया है — परन्तु बुधवार को इसे वर्ज्य माना गया है।
ब्रह्म मुहूर्त
04:10 — 04:51
अवधि 41 मि
ध्यान, योग और वेद पाठ के लिए सर्वोत्तम समय
विजय मुहूर्त
14:44 — 15:39
अवधि 55 मि
विजय और सफलता के लिए सर्वोत्तम — महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ करें
गोधूलि मुहूर्त
19:17 — 19:40
अवधि 23 मि
विवाह और गृह प्रवेश के लिए अत्यंत शुभ — गोधूलि वेला
निशिता मुहूर्त
00:05 — 00:46
अवधि 41 मि
अर्धरात्रि का शुभ काल — शिवरात्रि पूजन और रात्रि साधना
02

संध्या एवं अमृत काल

प्रातः व सायं संध्यावंदन के समय — और दिवस में नक्षत्र-आधारित अमृत काल।
संध्या-काल पूजा-पाठ हेतु; अमृत काल नए कार्य आरंभ हेतु शुभ।

संध्या काल

प्रातः · सायं
01
प्रातः सन्ध्याप्रातःकालीन संध्यावंदन — सूर्योदय के आसपास
04:32 — 05:33
02
सायाह्न सन्ध्यासंध्यावंदन — सायंकालीन पूजा और संध्या का समय
19:19 — 20:21

अमृत काल

नक्षत्र · चौघड़िया
01
अमृत कालनक्षत्र-आधारित शुभ काल
19:42 — 21:14
02
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
07:16 — 08:59
03
रात्रि अमृतरात्रि का शुभ चौघड़िया
21:53 — 23:09
03

वर्ज्य काल

नक्षत्र-आधारित त्याज्य अंतराल — शुभ कार्य का आरंभ इन क्षणों में न करें।
वर्ज्यम अमृत-काल का विपरीत क्षण है; अमृत के दौरान आरंभ शुभ, वर्ज्य में टालें।

वर्ज्य अंतराल

नक्षत्र आधारित
01
वर्ज्यमनक्षत्र-आधारित त्याज्य काल
10:30 — 12:02

वर्ज्य अंतराल

शेष
अन्य कोई वर्ज्य नहीं
राहु काल
12:26 — 14:09
नया कार्य आरंभ न करें — चालू कार्य निरापद। विस्तार
यमगण्ड
07:16 — 08:59
सरकारी / कानूनी / स्थायी निर्णय टालें।
गुलिक काल
10:43 — 12:26
शुभ आरंभ टालें; दान-तर्पण अनुकूल।

अभिजित मुहूर्त

सूर्य के मध्याह्न के आस-पास का अंश — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल। यात्रा-आरंभ, नये उद्यम, संधि-समझौतों के लिए अति-शुभ। केवल बुधवार को इसे वर्ज्य माना गया है।

ब्रह्म मुहूर्त

सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व का काल। ध्यान, योग, स्वाध्याय, वेद-पाठ के लिए श्रेष्ठ — शरीर-मन निर्मलता एवं सात्त्विकता का काल।

गोधूलि वेला

सूर्यास्त के समय का अल्प अंश — विवाह, गृह-प्रवेश, सत्संग, संध्या-वंदन हेतु अति-शुभ। शास्त्रीय परंपरा में संक्रमण-काल का "अमृत" क्षण।

अन्य प्रमुख नगरों के शुभ मुहूर्त

गणना
सूर्योदय-सूर्यास्त आधारित · दृक्
अंशदान
दिनमान ÷ 15 · दिन के मुहूर्त 30
समय क्षेत्र
साम्बा · IST
ॐ    तत्    सत्